कोविड-19
महामारी और हम
वैश्विक महामारी जिसका नाम कोरोना वायरस है। जिसे कोविड-19
का नाम दिया गया है। यह महामारी पूरे विश्व में फैल चूकी है। कोई भी ऐसा देश नहीं
है जो इसकी चपेट में ना आया हो। इस महामारी ने खास और आम सभी तरह के लोगों को अपने
प्रभाव में लिया है। सौ वर्ष के बाद इस प्रकार की महामारी का सामना विश्व के लोगों
को करना पड रहा है। इस संकट की घड़ी में सभी लोग कंधे से कंधा मिलाकर महामारी का डटकर
मुकाबला कर रहे है। इसमें डाँक्टर, सहायक स्टॉफ, आदि प्रथम पंक्ति के कार्यरत,
सैनिक के रूप में आम लोगों की जीवन की रक्षा में दिन-रात लगे हुए है। इनके महान
योगदान को समाज कभी भी भूला नहीं सकता है। समाज सदैव इनका ऋणी रहेगा।
लॉकडाउन को पूरे देश ने सहज रूप से स्वीकार कर वैश्विक महामारी से
लड़ने में सरकार को, प्रशासन - शासन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। सभी लोगों ने
सरकार के दिए गए निर्देशों का पूर्णतः पालन किया तथा स्वयं को महामारी से बचाया,
अपने परिवार के सदस्यों का बचाव किया साथ ही समाज-देश का भी बचाव करने में अपना
अहम योगदान दिया है। दुनिया के अधिकांश हिस्सो में वायरस नियंत्रण में नहीं है।
इसे लेकर स्थिति बहुत खराब हो रही है।
आजकल कोरोना वायरस के तेजी से फैलने के केस सामने आ रहे हैं, जो चर्चा
और चिंता का विषय बना हुआ है । लगातार इस वायरस से जुड़ी नई जानकारीयां सामने आ
रही हैं। कोरोना वायरस का प्रकोप पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है। चीन की
सरहदों को पार कर यह वायरस दुनिया के लगभग सभी देशों के लिए संकट की वजह बना हुआ
है। पूरे देश में इस बीमारी से बचाव के लिए जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन किया जा
रहा है। ताकि इस वायरस के संक्रमण को रोका जा सके और इसका जैवकीय चक्र अंतराल (बायाँलजिकल
साइकल ब्रेक) किया जा सके।
Ø कोरोना वायरस क्या है ?
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यह वायरस
सी-फूड़ से जुड़ा है और इसकी शुरूआत चाइना के हुवई प्रांत के वुहान शहर के एक
सी-फूड़ बाजार से ही हुई मानी जा रही है। खास बात यह है कि ये वायरस न केवल
इंसानों बल्कि पशुओं को भी अपना शिकार बना रहा है।
Ø कोरोना वायरस का प्रसार
कोरोना वायरस को लेकर हर रोज नई-नई अपडेट्स आ
रही हैं। पहले इस वायरस के बारे में कहा गया
था कि यह इंफेक्टेड सी-फूड खाने से ही फैलता
है। जबकि हाल ही डब्ल्यूएचओ ने इस बात की संभावना
जताई है कि यह वायरस बेहद परिवार के लोगों में
एक से दूसरे में फैल सकता है।
Ø कोरोना वायरस के लक्षण
कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति को सबसे पहले
सांस लेने में दिक्कत, गले में दर्द, जुकाम, खांसी और बुखार होता है। फिर यह बुखार
निमोनिया का रूप ले सकता है और निमोनिया किडनी से जुड़ी कई तरह की दिक्कतों को
बढ़ा सकता है।
Ø कोरोना वायरस का इलाज
अभी तक सीधे तौर पर कोरोना वायरस पर अटैक
करनेवाली कोई वैक्सीन बाज़ार में नहीं आई है। लेकिन इसके लक्षणों के आधार पर
डॉक्टर्स इसके इलाज में दूसरी जरूरी दवाइयों का उपयोग कर रहे हैं। साथ ही साथ इसकी
वैक्सीन तैयार करने पर भी काम चल रहा है।
Ø कोरोना वायरस से बचाव
-
ü साफ-सफाई कोरोना वायरस से बचने का सबसे अच्छा
तरीका है।
ü कहीं भी बाहर से आने या कुछ भी खाने से
पहले अपने हाथ अच्छी तरह साबुन से साफ करें।
ü अपने साथ हैंड सेनिटाइजर हमेशा रखें।
ü पब्लिक ट्रांसपोर्ट का यूज करने के बाद
हाथ साफ किए बिना उन्हें अपने चेहरे और मुहँ पर ना लगाएँ।
ü जब तक कोरोना वायरस समाप्त नहीं हो
जाता, जितना हो सके सी-फूड से दूर रहें।
ü बीमार लोगों की देखभाल के दौरान अपनी सुरक्षा
का पूरा ध्यान रखें।
ü बाहर जाते वक्त मास्क जरूर पहन कर जाए।
Ø कोरोना वायरस का प्रभाव
कोरोना वायरस अगर लंबे समय तक अपना प्रभाव बनाए
रखने में सफल हो जाए या घातक स्तर पर पहुँच जाए तो जान के लिए खतरा पैदा कर सकता
है। वहीं आपको सर्दी-जुखाम है तो इसे सीजनल फ्लू समझने की गलती न करें। कोरोना
वायरस के लक्षण को पहचाने और अपनी जाचँ करवाएँ। कोरोना वायरस से बचने के लिए जहाँ
तक हो सके तो बाहर निकलते वक्त मास्क का उपयोग करें। इसके अलावा अपने हाथों को
बार-बार धोएँ।
इसने हमारे जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है।
चाहे वह कार्यालय हो, घर हो, व्यवसायिक स्थल हो, दुकान हो पुरानी व्यवस्था को बदल
दिया है। इस तरह अचानक हुए परिवर्तन से हर व्यक्ति मुश्किल में पड गया। नए बदलाव
में अपनें आपको परिस्थिति के अनुरूप ढ़ालना एक चुनौति भरा काम है। हमें न चाहतें
हुए भी नई परिस्थितियों के अनुरूप ढ़ालना यही समय की मांग है। इसके लिए स्वयं को तथा परिवार को सावधानी रखना महत्वपूर्ण है। हमें
सावधानी रखने के लिए किन-किन बातो का ध्यान रखना चाहिए, इसके लिए डाँक्टर एवं
शासन-प्रशासन के द्वारा समय- समय पर दिए गए निर्देशों का पालन करना चाहिए।
ü अपने अच्छे भावनात्मक स्वास्थय के लिए
घर में सकारात्मक उर्जा बनाएँ रखना।
ü आंतरिक शक्ति को परिवार, समाज एवं
संस्थान के लिए उपयोगी बनाना।
ü कोरोना के संकट काल में मनुष्य को
परिवार के महत्व को समझाया है, अतः परिवार की अहमियत को समझना।
ü जीवनशैली में भी सकारत्मक परिवर्तन करना।
- अर्पण शास्त्री
No comments:
Post a Comment